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सà¥à¤¬à¤¹ उठते ही छींकें आना, à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• राइनाइटिस की वजह से हो सकता है. à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• राइनाइटिस à¤à¤• तरह की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है जो à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥‡à¤¨ के कारण होती है.
कà¥à¤› लोगों को सà¥à¤¬à¤¹ के समय उठने के साथ ही छींकें आना शà¥à¤°à¥‚ हो जाती हैं. ये छींकें लगातार आती हैं. ये समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की वजह से होती है. इसे मेडिकल à¤à¤¾à¤·à¤¾ में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• राइनाइटिस कहते हैं. à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• राइनाइटिस à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥‡à¤¨ के कारण होने वाली बहà¥à¤¤ आम समसà¥à¤¯à¤¾ है. इसकी वजह धूल, पालतू जानवर के बाल या गंध, पेंट, सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡, नमी, पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण आदि हो सकते हैं. कई बार मौसम के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ से à¤à¥€ ये परेशानी हो सकती है.
दरअसल, हमारी नाक शà¥à¤µà¤¾à¤¸ के साथ पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने वाले धूल के कणों व हानिकारक पदारà¥à¤¥ को सीधे शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने से रोकती है. लेकिन जब ये कण या हानिकारक पदारà¥à¤¥ किसी तरह हमारे शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाते हैं तो शरीर इनके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करता है, à¤à¤¸à¥‡ में छींक के रूप में वो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ सामने आती है. तापमान में उतार-चढ़ाव, अचानक ठंड, सिगरेट के धà¥à¤à¤‚ के संपरà¥à¤• में आना, इतà¥à¤°, कोलोन, लकड़ी या कोयले का धà¥à¤†à¤‚ आदि इस समसà¥à¤¯à¤¾ को बढ़ाने का काम करते हैं.
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